श्रीरेणुका जी : वरिष्ठ पत्रकार एंव श्रीरेणुका जी के समीप बायरी आश्रम के संस्थापक एंव संचालक ब्रम्हऋषी आचार्य चन्द्रमणी वशिष्ठ अब इस दुनिया में नही रहे | आज दोपहर लगभग 1:00 बजे उन्होने अपने बायरी स्थित निवास स्थान पर अन्तिम सांस ली | 28 जून 1931 को नाहन छोटा चौक में जन्मे आचार्य वशिष्ठ के पिता सावन राम तथा माता कालटी देवी थी | आचार्य वशिष्ठ ने अपने जीवन के प्रारम्भिक समय मे शिक्षा ग्रहण करने के पश्चात लोक सम्पर्क अधिकारी के रुप में कार्य किया | इसके पश्चात गुडगांवा के गुरु के सम्पर्क मे आने के बाद उन्होने नौकरी छोड दी तथा गुरु-गद्दी संभाल कर रेणुका जी के समीप बायरी आश्रम की स्थापना की | आश्रम से जुडे रहेने के बावजूद उन्होने लेखन कार्य अपने अन्तिम समय तक नही छोडा तथा डा. वाई. एस. परमार, सिरमौर के महाराजा राजेन्द्र प्रकाश और अनेक विषयों पर ढेरों पुस्तके व लेख लिखे |
आचार्य वशिष्ठ को ब्राम्हण इंन्टर्नेशनल द्वारा ब्रम्हऋषी की उपाधी से सम्मानित किया गया | वशिष्ठ जी ने 1978 में रेणुका जी विकास बोर्ड के गठन में विशेष भूमिका निभाई तथा बोर्ड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष भी रहे | आचार्य वशिष्ठ ने अपने जीवन में सिरमौर कला संगम की स्थापना की तथा प्रदेश की लोक संस्कृति के संरक्षण के लिए कार्य करने के साथ साथ प्रदेश व प्रदेश के बाहर के लोगों को कई क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मनित किया इसके साथ आचार्य भाषा एवं कला एकादमी के सदस्य भी रहे |
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