महादान
भगवान की लीला भी निराली और अपरमपार है| जो परिवार ठीक से बच्चों को पाल नहीं सकते उन्हें तो वो ढेरो बच्चे दे देता है और कुछ बेशुमार दौलत के मालिक माता-पिता एक मासूम बच्चे की किलकारी सुनने के लिए सारी उम्र तरसते रहते है| इनसे भी बदनसीब वो लोग होते है, जिन की केवल एक ही संन्तान होती है और मौत के क्रूर पंजे उसे भी समय से पहले ही उनसे छीन लेते है| इसके बावजूद कोई भी भगवान से यह नही कह पाता कि वह ऐसा क्यों कर रहे हैं | क्या कोई आज तक भगवान को समझा सका है कि तू ऐसे नहीं ऐसे कर ? हमसे कोई भी इतना ताकतवर नहीं है कि हम उससे द्वारा रचे हुए इस खेल में किसी प्रकार का आनाकामी कर सके|
ऐसी ही एक दुख:यारी मां के 14 साल की नाजुक उंम्र के फूल जैसे कोमल बेटे का कैंसर इलाज के दौरान अस्पताल में आप्रेशन चल रहा था| बार-बार उस लाचार मां की आखें आप्ररेशन थियेटर के दरवाजे की और उठ रही थी कि किस पल डाक्टर आकर कहेगा कि सब कुछ ठीक ठाक हो गया है| वो उस घडी के लिए बेकरार थी जब अपने बेटे की एक झलक देख पायेगी| इसी उधेड-बुन में खोई मां को यह पता नहीं चला कि कब डाक्टर साहब उसके पास आये और माफी मांगते हुए बडे ही अफसोस के साथ बोले कि हमारी सारी कोशिशे बेकार हो गई| हम आपके बेटे को नही बचा सके | एक पल में मां की आखों के आगे अंधेरा छा गया, वह एक पथ्थर की तरह फटी नजरों से डाक्टर को देखे जा रही थी| डाक्टर ने उस मां को होश में लाने के बाद कहा कि आप अंतिम बार अपने बेटे को देख लो फिर हमें उसके शरीर को महत्वपूर्ण अंगों को जरुरतमंदों को दान करने के लिए मैडिकल कालेज लेकर जाना है|
यह सुनते ही मां का कलेजा फट गया उसके मुख से चीखें निकल गई, उसने कहा कि आप मेरे फूल जैसे बच्चे के साथ ऐसा अन्याय नहीं कर सकते| आप डाक्टर है या जल्लाद| डाक्टर ने उन्हें हौसला देते हुए कहा कि मैं आपके इस असाहय दुख-दर्द और परेशानी को समझता हूँ| लेकिन आपके बेटे ने आप्रेशन से पहले अपनी अंतिम इच्छा जाहिर की थी कि अगर किसी कारण उसे बचाया न जा सके तो उसके सभी ज़रुरी अंग जरुरतमंदों का जीवन बचाने के काम आ सके तो उसे सुकून मिलेगा| उसने यह भी कहा था, कि उसने यह सब कुछ लिख कर अपने बिस्तर के ऊपर रखे तकिये के साथ रख दिया है|
कुछ ही पल के बाद अस्पताल के कर्मचारी उस बच्चे की लाश को एक ऐम्बूलैंन्स में लेकर चले गये| मां रोते बिलखते हुए अपने बेटे के आखिरी चिट्ठी पड रही थी| मां मै तुम्हें बहुत प्यार करता हूँ और यह भी जानता हूँ कि तुम मेरे बिना आसामी से नहीं जी पाओगी| अब अगर मुझे कुछ हो जाता है तो तुम किसी अनाथ बच्चे को गोद ले लेना, इससे किसी अनाथ को मां और तुम्हें मेरे जैसा सुन्दर और लाडला बेटा मिल जायेगा| मेरी पुस्तकें, कपडे और खेलने का सारा सामान भी उसको दे देना| इससे वो सभी चीजे बेकार होने से बच जायेगी|
जैसा कि मैंने टी.वी.में कई बार देखा था कि बहुत से ऐसे बर्जुग मरीज है जो किसी न किसी अंग की कमी के कारण जिंदगी और मौत की जंग लड रहे है| विज्ञान की तरक्की के जरिये उन्हें मुर्दा शरीर से अंग लगा कर एक नया जीवन मिल सकता है| मां तुम्हारे दिल के दर्द को समझते हुए अपने जीते जी तो मैं यह सब कुछ तुम से नहीं कह सका, लेकिन मेरी आंखें, किडनी और अन्य जरुरी अंग जो अब मेरे मरने के बाद वेकार हो चुके है, उन से कई लोगों को नया जीवन मिल सकता है| मेरी दो आंखों से दो लोगों की दुनियाँ रोशन हो सकती है| ऐसे ही मेरे गुर्दे एवं जरुरी अंग कई अन्य परिवारो को खुशियां दे पायेगा| इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए मेने अपने शरीर के जरुरी अंग दान में देने का मन बनाया है| मां मुझे विश्वास है कि मेरे इस तरह जाने के बाद इन सभी लोगों के माध्यम से मुझे हमेशा अपने आस-पास ही पाओगी| हमारे धर्म में तो छोटे से दान का भी बहुत बडा महत्व है, मेरा यह दान तो शायद महादान होने के साथ-साथ बहुत से लोगों के लिये प्रेरणा का स्त्रोत भी बन जाए|
हमारे देश के हर धर्म में दान का बहुत महत्व है| जब भी किसी प्रकार का दान जरुरतमंद की जरुरत पूरी करता है तो उससे प्राप्त होने वाली संतुष्टि उनके रोम-रोम से फूटकर दान करने वाले को आशीर्वाद देती है| जौली अंकल की नम आंखें अब उसकी कलम का साथ नही दे पा रही| आगे और कुछ न कहते हुए मैं उस महान एवं पवित्र आत्मा के महादान को सलाम करता हूँ, जिसने मरने के बाद भी महादान करके आने वाली पीढियों के लिए ऐसी अनोखी मिसाल कायम की है|
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Wonderful idea to help the needy patients. There is no doubt that the organ donation is really a MAHADAAN.