चीन ने खरीद डाला धर्मशाला !
धर्मशाला: हिमाचल प्रदेश के एक दैनिक हिन्दी समाचार पत्र में छपी खबर में कहा गया है कि चीन की फंडिंग से धर्मशाला में 15 हजार करोड की बेनामी संपत्ति बनाई गई है| समाचार पत्र ने यह भी खुलासा किया है कि आयकर विभाग के हाथ लगे पुख्ता सबूत्तों से यह प्रमाणित हुआ है कि धर्मशाला में बेनामी सौदों के लिए आ रही धडाधड राशि में ज्यादातर हिस्सा चीन का है| समाचार पत्र की माने तों खासकर तिब्बती धर्म गुरु करमापा की संपत्तियां भारत सरकार के निशाने पर आ गई हैं|
लिहाजा शुक्रवार को आयकर विभाग के अतिरिक्त आयुक्त (सीनियर आईआरएस अधिकारी) विनोद कुमार सिहं ने करमापा की संपत्तियों में रेड की है| अतिरिक्त आयुक्त विनोद कुमार सिहं ने कांगडा के उपायुक्त केके पंत से करीब एक घंटे तक भेंटबार्ता की है| उपायुक्त से उन्होंने धर्मशाला की बेनामी संपत्तियों पर विस्तृत चर्चा की है और इस बारे में कई जानकारियां भी जुटाई हैं| हालांकि उपायुक्त कांगडा ने इसके बारे में कोई भी प्रतिक्रिया देने से मना कर दिया| उन्होंने आयकर विभाग के अतिरिक्त आयुक्त के साथ शुक्रवार को धर्मशाला पहुंचने की पुष्टि जरुर की है उपायुक्त का कहना है कि आयकर विभाग अपने स्तर पर जांच-पडताल कर रहा है| लिहाजा इसमें प्रशासन का दखल देना न्यायसंगत नहीं है| आयकर विभाग के विश्वसनीय सूत्रों ने बताया कि धर्मशाला में सैकडों बैनामी सौदे के मामले हैं| इसमें सबसे बडे मामले उग्येन त्रिनले जिसमें दोरजे (करमापा) से जुडे है| इंटेलिजेंस ब्यूरों (आईबी) ने केन्द्रीय गृह मंत्रालय को भेजी अपनी रिपोर्ट में इन बेनामी संपत्तियों की सूची सौंपी है| सुरक्षा एजेंजियों ने साफ कहा है धर्मशाला में निर्मित बेनामी संपत्तियों के लिए विदेश से फंडिंग हो रही है| आयकर विभाग के सूत्र बताते हैं कि पुख्ता सुचना के अनुसार चीन से आ रहे करोडों रुपय से धर्मशाला में बेनामी सौंदे हो रहे हैं| उल्लेखनीय है कि आयकर विभाग के सहायक आयुक्त अशुल कपूर की अगवाई में तिब्बती मठों पर छापामारी हो रही थी| शुक्रवार को आयकर के वरिष्ठ अधिकारी अतिरिक्त आयुक्त ने स्वयं इन मठों पर रेड की है|
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